Category: Hindi

भयानक रस 0

हिंदी व्याकरण में भयानक रस

हिंदी व्याकरण में भयानक रस   जब वातावरण को देखकर मन में भय उत्पन्न होता है या मन में किसी बात को लेकर डर होता है। वहीं पर भयानक रस का जन्म होता है।...

वीभत्स रस 0

हिंदी व्याकरण में वीभत्स रस

    घृणित वस्तुओं, घृणित चीजो या घृणित व्यक्ति को देखकर या उनके संबंध में विचार करके या उनके सम्बन्ध में सुनकर मन में उत्पन्न होने वाली घृणा या ग्लानि ही वीभत्स रस कि...

हिंदी व्याकरण में करुण रस 0

हिंदी व्याकरण में करुण रस

  बन्धु–विनाश, बन्धु–वियोग, द्रव्यनाश और प्रेमी के सदैव के लिए बिछुड़ जाने से करुण रस उत्पन्न होता है। दुःख का अनुभव वियोग शृंगार में भी होता है, पर वहाँ मिलने की आशा भी बनी रहती...

हिंदी व्याकरण में शान्त रस 0

हिंदी व्याकरण में शान्त रस

शान्त रस   संसार से वैराग्य होने पर, परमात्मा के वास्तविक रूप का ज्ञान होता है और मन को जो शान्ति मिलती है वहाँ शान्त रस कि उत्पत्ति होती है स्थायी भाव निर्वेद (उदासीनता)...

हिंदी व्याकरण में रौद्र रस 0

हिंदी व्याकरण में रौद्र रस

रौद्र रस किसी व्यक्ति के द्वारा क्रोध में किए गए अपमान आदि के उत्पन्न भाव की परिपक्वावस्था को रौद्र-रस कहते हैं। उदाहरण 1-उस काल मरे क्रोध के तन काँपने उसका लगा मानो हवा के...

हिंदी व्याकरण में अदभुत रस 0

हिंदी व्याकरण में अदभुत रस

अदभुत रस ब्यक्ति के मन में विचित्र अथवा आश्चर्यजनक वस्तुओं को देखकर जो विस्मय- भाव उत्पन्न होते हैं उसे ही अदभुत रस कहा जाता है इसका स्थायी भाव आश्चर्य होता है   1-देख यशोदा...